रसोइयों का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन, लम्बित मांगो के निस्तारण की उठाई आवाज

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रसोईया संघ ने वेतन वृद्धि पर मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया

सोनभद्र। माध्यमिक भारतीय रसोईयां वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के द्वारा , जनपद सोनभद्र में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन रखा गया , जिसका संचालन जनपद के जिला अध्यक्ष जगदीश प्रसाद द्वारा किया गया।

इस धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर प्रजापति ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालय में कार्यरत रसोइयों से बंधुआ मजदूरी कराया जा रहा है। जिसे उच्च न्यायालय ने भी स्वीकार किया है। रसोइयों को न्यूनतम मानदेय निर्धारित करने का निर्देश दिया परन्तु, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा न्यूनतम मानदेय देने से पीछे हट रही है।

प्रदेश उपाध्यक्ष उषा साहू ने कहा कि रसोइयों का मानदेय अप्रैल 2022 से अब तक का बाकी है। मानदेय का भुगतान न होने से रसोइयों के समक्ष विभिन्न प्रकार की समस्या उत्पन्न हो रहे हैं।

संगठन के संस्थापक एवं संरक्षक तैयब अंसारी ने कहा कि मुख्यमंत्री अपने वादे के अनुसार 28 अप्रैल को शासनादेश जारी करते हुए प्रदेश के लगभग 3 .85 लाख रसोइयों को ₹2000 रुपए मानदेय देने के साथ-साथ ₹500 ड्रेस एवं एप्प्रीन, ग्लक्स, कैंप, देने का निर्देश जारी किया है। जिसका प्रदेश के समस्त रसोईयां मुख्यमंत्री एवं बेशिक शिक्षा मंत्री का आभार व्यक्ति करती हैं ।

श्री अन्सारी ने कहा कि हिमाचल प्रदेश , महाराष्ट्र , दिल्ली , केरल प्रदेश के सापेक्ष उत्तर प्रदेश में रसोइयों का मानदेय बहुत कम है।
माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद के द्वारा प्रदेश के सभी सरकारी एवं अर्धसरकारी प्राथमिक विद्यालय , उच्च प्राथमिक विद्यालय व शासकीय विद्यालय में कार्यरत रसोइयों का न्यूनतम मानदेय अधिनियम के तहत निर्धारित करने के लिए केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार को 4 माह के भीतर न्यूनतम मानदेय निर्धारित करने का आदेश दिया था, एवं सन 2005 से अब तक का सभी रसोइयों के अंतर बकाए मानदेय का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था जो उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा देने से इंकार कर रही है।

संगठन ने मांग किया कि रसोइयों का नवीनीकरण स्वतः करते हुए सभी रसोईया को स्थाई किया जाए। एवं माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में समान कार्य समान मानदेय न्यूनतम ₹10000 , लागू करें एवं सन 2005 से आज तक का अंतर बताएं मानदेय का लाखों रुपए का भुगतान करें। परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों से 11 माह कार्य करा जाता है, मानदेय मात्र 10 माह का दिया जाता है। समान कार्य समान मानदेय के तहत संपूर्ण शिक्षा सत्र 12 माह का मानदेय दिया जाए ।

उत्तर प्रदेश के सभी विद्यालयों में कार्यरत रसोइयों के नवीनीकरण स्वतः करते हुए बाल्य , बालक , बालिका, अनिवार्यता को समाप्त किया जाए , एवं प्रस्तर 3 वह 6 में प्रस्तावित व्यवस्था को भी पूर्ण रूप से समाप्त किया जाए । परिषदीय विद्यालय में कार्यरत रसोइयों को मातृत्व अवकाश एवं मेडिकल की सुविधा था 14 आकस्मिक अवकाश भी उपलब्ध कराया जाए, मृतक रसोइयों के स्थान पर उनके परिवार को हि रसोईया पद पर रखा जा ।

इस कार्यक्रम में ज्ञानती देवी, गायत्री देवी, शकुंतला देवी, लालती देवी, केवली देवी, विद्यावती देवी ,सुनिता देवी, अनवरी बेगम ,फुल बिना, फुलवन्ती, राजकुमारी,धनसु भगवान सिंह,राम सिंह, शिवपुजन, रामजनम, शिवनारायण केशरी, सहित सैकड़ों रसोईया मौजूद रही।

Ravi pandey
Author: Ravi pandey

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