सोनभद्र मे देश का KGF , ब्लैक डायमंड का सबसे बड़ा खेल

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एन०सी०एल० कृष्णशीला कोल माइन्स घोटाला मामला देश का सबसे बड़ा कोयला घोटाला

सोन नदी घड़ीयाल और मगर के लिए संरक्षित

सोन नदी में सभी बालू खनन पट्टा अवैध कोयले का काला खेल


सोनभद्र (उत्तर प्रदेश) एन0 सी0एल0 कोल माइन्स घोटाला देश का सबसे बड़ा घोटाला है अरबो रूपये का मिले कोल मामले में एन0जी०टी० ने अवैध भण्डारण और अगोरी खास के सोन नदी में होने वाले अवैध खनन और उससे होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के लिए सुप्रीम कोर्ट के बरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक चौबे के लम्बी बहस पर हुई सुनवाई के बाद तीन सदस्यीय कमेटी गठित कर सम्पूर्ण मामले पर एक बृहद रिपोर्ट मांगी है। इस मामले में अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी। इस आशय की जानकारी याचिकाकर्ता संदल परवीन ने एक प्रेस वर्ता में बतायी।

उन्होंने बताया कि विगत दिनों कृष्णशीला रेलवे साइडिंग पर 10 मिलीयन टन कोयला का अवैध भण्डारण पकड़ा गया था जिसकी कीमत अरबो में आँकी गयी थी। इस कोयले का कोई अधिकृत व्यक्ति अथवा कम्पनी स्वामित्व तक पेश करने सामने नहीं आया जिससे यह स्पष्ट है कि कोयले के काली खेल अरबो को अवैध कारोबार धडल्ले से चलाया जा रहा है। अवैध रूप से कोयले के भण्डारण से पर्यावरण का भी भारी नुकसान हो रहा है। स्वयं की जाँच से यह पाया गया कि मामला देश के बड़े उद्योगपति अडानी से जुड़ा मामला है जिसमें कई सफेद पोस भी शामिल है जिसके सम्बन्ध में उच्चस्तरीय जाँच के लिए याचिका मा सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत करने की तैयारी चल रही है परन्तु त्वरित रूप से अवैध भण्डारण एवं इससे होने वाले पर्यावरणीय नुकसान और जिम्मेदार लोगों पर कार्यवाही हेतु नेशनल ग्रीन ट्युबनाल नई दिल्ली के प्रिंसपल बेंच में याचिका प्रस्तुत की गयी जिस पर लम्बी बहस के पश्चात अदालत ने रिजनल फॉरेस्ट ऑफिसर लखनऊ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के राज्य सचिव, जिलाधिकारी सोनभद्र की कमेटी गठित करके विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। कोल माइन्स प्रकरण में अब तक का बरामद कोयले के अलावा जितने कोयले का अवैध तरीक से परिवहन किया जा चुका है वह सब मिलाकर देखा जाय तो देश का अब तक का सबसे बड़ा घोटाला साबित होगा।
याचिकाकर्ता संदल परवीन ने यह भी बताया कि अगोरीखास में भी सोन नदी की जलधारा को बाँध कर बालू का अवैध खनन किया जा रहा है जबकि सोन नदी घड़िया और मंगर के लिए संरक्षित क्षेत्र है वर्ष 2005 में कमला कांत पाण्डेय बनाम उ0प्र0 सरकार के मामले में मा. उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने घडियाल और मगर के लिए संरक्षित नदी होने के कारण सोन नदी की बालू खनन लीज निरस्त कर दी थी परन्तु वर्तमान सरकार सोनभद्र के पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करते हुए दर्जनों लोगों को सोन नदी में बालू खनन की लीज दे दी गयी है धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है। इस बावत नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल नई दिल्ली में अधिवक्ता श्री अभिषेक चौबे के जरिये याचिका दाखिल की थी जिसमे कमेटी बनाकर एन0जी0टी0 ने रिपोर्ट तलब किया है।
परवीन ने कहा कि सोनभद्र के खनिज सम्पदा की लूट मची है जिससे सोनभद्र का पर्यावरण संतुलन बिगढ़ रहा है। सोनभद्र के पर्यावरण संतुलन और अवैध काले कारोबार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।

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